मासूम बच्चे की दासता
मैं आया नहीं लाया गया था ,
मैं रोया नहीं रुलाया गया था,
वही से मेरी पहचान बतलाया गया था।
मुझे जो दिखाया गया मैं वही देखता था ,
मुझे जो सुनाया गया मैं वही सुनता था,
मुझे जो बोला गया वाही बोलता था।
दुनिया को देखा जैसे दिखाया गया था,
मैं आया नहीं लाया गया था ।
न रिश्तो की समझ थी न अपनों की पहचान ,
जो मुझे सिखाया गया मैं वही सीखता गया,
मैं आया नहीं लाया गया था।
ये दुनिया तो वैसी नहीं जैसा दिखाया गया था ,
जरूरत ही यहाँ सब कुछ है जरुरत नहीं तो कुछ भी नहीं।
मैं आया नहीं लाया गया था।
मुखावटे लगे अपनों के पीछे चालाकी को समझ पाउ कैसे,
कोई सिखला दे मुझे इन सबसे सम्हल पाउ मैं कैसे।
मैं आया नहीं मुझे लाया गया था।
वो माँ की लोरी वो पिता का प्यार ,
बस याद ही रह जाते है बड़े होने के बाद।
मैं आया नहीं लाया गया था फिर क्यों मुझे भुलाया गया था ।
मैं आया नहीं लाया गया था ।
दीपक पटेल
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